ग्राम पंचायत करसोली में उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब शिकायतकर्ता सोनी अपने निजी कार्य से पंचायत घर पहुंचा। शिकायतकर्ता के अनुसार, पंचायत सचिव उस समय पंचायत घर में मौजूद नहीं थे।
सोनी का कहना है कि उन्होंने कुछ समय तक पंचायत घर में इंतजार किया और बाद में पंचायत सचिव को फोन किया। शिकायतकर्ता के मुताबिक पहले पंचायत सचिव ने कहा कि वे पंचायत घर में ही मौजूद हैं, जबकि शिकायतकर्ता उसी समय पंचायत घर में खड़ा था और वहां सचिव मौजूद नहीं थे।
इसके बाद शिकायतकर्ता द्वारा दोबारा पूछने पर पंचायत सचिव ने खुद को फील्ड में होना बताया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इसके बाद वह अपने घर के लिए निकल गया, लेकिन रास्ते में उसने पंचायत सचिव को कथित रूप से एक निजी घर, जो प्रधान पति का घर बताया जा रहा है, वहां से निकलते हुए देखा।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इसके बाद उसने पंचायत सचिव से अपनी पत्नी के चुनाव संबंधित दस्तावेज और फीस जमा होने की रसीद मांगी। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसकी पत्नी पंचायत चुनाव लड़ी थी, लेकिन सचिव द्वारा रसीद उसकी पत्नी के बजाय उसकी मां के नाम से काट दी गई, जिसको लेकर विवाद और बढ़ गया।
वहीं दूसरी ओर पंचायत सचिव ने शिकायतकर्ता के आरोपों को निराधार बताया है। पंचायत सचिव का कहना है कि शिकायतकर्ता सरकारी कार्य में बाधा डालता है और वीडियो बनाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है। पंचायत सचिव ने शिकायतकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है।
इधर शिकायतकर्ता सोनी ने पंचायत सचिव के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि यदि ड्यूटी के दौरान पंचायत सचिव पंचायत कार्यों से अलग अन्य स्थानों व शराब के ठेके पर मौजूद रहते हैं, तो क्या तब सरकारी कार्य में बाधा नहीं पडती । शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने केवल अपने कार्य और दस्तावेजों को लेकर सवाल उठाए हैं।
फिलहाल मामले को लेकर गांव में चर्चा बनी हुई है। दोनों पक्षों के बयान और वीडियो सामने आने के बाद अब लोग प्रशासनिक जांच की मांग कर रहे हैं। Dk News Nalagarh
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